गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं ...!



गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है ?

गोवर्धन पूजा का त्यौहार दीपावली के अगले दिन अर्थात कार्तिक माह की शुक्लपक्ष  प्रतिपदा को मनाया जाता है | पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर रखकर गोकुल की जनता  को इंद्र भगवान के क्रोध से बचाया था और  इंद्र भगवान के घमंड को चूर किया था |
कथा के अनुसार एक दिन यशोदा मैया इंद्र भगवान की पूजा कर रही थी तब कृष्ण भगवान ने उनसे कहा कि आप इन्द्र भगवान की पूजा क्यों कर रही हो जब कि हमारी गायें तो गोवर्धन पर्वत से अपना चारा प्राप्त करती हैं और हम भी अनाज का उत्पादन गोवर्धन पर्वत से ही करते हैं ,हमें गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए | इस बात से भगवान इंद्र क्रोधित हो गये और भारी बारिश शुरू कर दी और लगातार सात दिन तक मूसलाधार बारिश की |तब भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी ऊँगली पर उठा लिया और सम्पूर्ण गोकुल वासियों को शरण दी और भगवान इंद्र के घमंड का नाश किया |

गोवर्धन पूजा  का महत्व 

गोवर्धन पूजा हिन्दुओं का बहुत पुराना और महत्वपूर्ण त्यौहार है | गोवर्धन पूजा का त्यौहार हमें प्रकृति से जोड़ता है |इस दिन गायों की पूजा की जाती है क्यों कि पुराणों में गाय को साक्षात देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है | गाय का बछड़ा खेतों में किसान के लिए अन्न उगाता है और सम्पूर्ण मानव जाति का पेट भरता है |गाय का दूध जो कि बहुत ही पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक होता है |इसलिए गाय की पूजा की जाती है |

महानगरों से लुप्त होता गोवर्धन पूजा का त्यौहार 

हिन्दुओं के सभी त्यौहार सदैव भाईचारा बढाने वाले होते हैं और प्रत्येक त्यौहार का अपना महत्व होता है ,किन्तु ऐसा लगता है कि धीरे-धीरे गोवर्धन का त्यौहार लुप्त होता जा रहा है |गावों में तो अभी भी गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाया जाता है लेकिन महानगरों से गोवर्धन पूजा का त्यौहार लुप्त होता जा रहा है |शहरों में तो आज-कल बहुत ही कम गोवर्धन पूजा का त्यौहार देखने को मिलत है |

नॉलेज हब की तरफ से आप सभी को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं 

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