कार्य , ऊर्जा एवं शक्ति - IIT JEE , GATE , UGC NET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए

Work Energy and power For IIT

किसी वस्तु का वेग दुगुना कर दिया जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा होगी ?
चार गुनी

एक वस्तु की गतिज ऊर्जा होती है ?
वेग के वर्ग के अनुक्रमानुपाती

यदि 1 kg द्रव्यमान की गतिज ऊर्जा 1 जूल है तो उसका वेग होगा ?
√ 2ms-1

एक पाइप में बहते हुए पानी की ऊर्जा होगी ?
गतिज

दो वस्तुयें A व B जिनके द्रव्यमानों का अनुपात 3 : 1 है , की गतिज ऊर्जा समान है तब A व B के रेखीय संवेगों का अनुपात होगा ?
√3 : 1

एक गेंद चिकने अर्धगोलीय पात्र के निम्नतम बिन्दु के इर्द - गिर्द गति करती है । गेंद 0 . 45m तक उठ जाती है तो निम्नतम बिन्दु पर उसकी चाल होगी ? ( g = 10ms - 1 )
3ms - 1

एक स्प्रिंग को 20 mm तक खींचने पर संचित स्थितिज ऊर्जा का मान 10 जूल है । यदि 30 mm तक खींचा जाये तो संचित स्थितिज ऊर्जा का मान होगा ?
22.5 J

एक वस्तु की गतिज ऊर्जा 300 % तक बढ़ा दी जाये तो वस्तु के रेखीय संवेग में वृद्धि होगी ?
100 %

एक गेंद जिसकी गतिज ऊर्जा E है , को क्षैतिज से 45° का कोण बनाते हुये फेंका जाता है । अपनी उड़ान के उच्चतम बिन्दु पर इसकी गतिज ऊर्जा होगी ?
E / 2

m तथा 4m द्रव्यमान की दो वस्तुयें समान गतिज ऊर्जा से गतिशील हैं । उनके रेखीय संवेगों का अनुपात होगा ?
1 : 2

5 वोल्ट के विभवान्तर से त्वरित हुये इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा होगी ?
5eV

10 kg की एक वस्तु पर परस्पर लम्बवत् दिशा में 4N तथा 3N के बल लगाये जाते हैं । 105 के बाद वस्तु की गतिज ऊर्जा होगी ?
125J

यदि एक वस्तु का संवेग 0 . 01 % बढ़ जाये तो उसकी गतिज ऊर्जा में प्रतिशत वृद्धि होगी ?
0.02 %

संरक्षी तथा असंरक्षी बल के उदाहरण दीजिये ।
गुरुत्वीय बल , स्थिर वैद्यत बल , प्रत्यास्थ बल आदि संरक्षी बल हैं तथा घर्षण बल , श्यान बल आदि असंरक्षी बल हैं ।

इलेक्ट्रॉन वोल्ट किस भौतिक राशि का मात्रक होता है ?
ऊर्जा का ।

जब तीर को छोड़ा जाता है तो उसे गतिज ऊर्जा कहाँ से प्राप्त होती है ?
धनुष की स्थितिज ऊर्जा से ।

एक हल्के व भारी पिण्ड की गतिज ऊर्जायें समान हैं । किसका संवेग अधिक होगा ?
भारी पिण्ड का संवेग अधिक होगा क्योंकि संवेग P = √2mE

क्या किसी वस्तु में बिना संवेग के ऊर्जा संभव है ?
स्थितिज ऊर्जा संभव है ।

किसी पिण्ड की चाल कितनी कर दी जाये जिससे उसकी गतिज ऊर्जा प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा की आधी रह जाये ?
प्रारम्भिक चाल की 1 / √2 गुना

वस्तु की पृथ्वी की सतह से ऊँचाई अधिक होने पर स्थितिज ऊर्जा के मान पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
स्थितिज ऊर्जा का मान अधिक होगा ।

क्या यह सम्भव है कि गति नहीं होने पर भी किसी बल से कार्य किया जा सकता है ?
हाँ , कमानी को दबाने अथवा खींचने पर ।

क्या किसी पिण्ड में बिना संवेग के ऊर्जा हो सकती है ?
हाँ , पिण्ड के कणों की ऊष्मीय गति के कारण आन्तरिक ऊर्जा होती है , जबकि गतिमान कणों के संवेगों का सदिश योग शून्य हो सकता है ।

किसी कण पर कार्यरत असमान बलों की न्यूनतम संख्या कितनी होनी चाहिये जिनका परिणामी बल शून्य हो जाये ?
किसी भी कण पर कार्य करने वाले बलों की संख्या तीन होनी चाहिये जिनका परिणामी बल शून्य हो जायेगा ।

खींची हुई स्प्रिंग के प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा का मान कितना होता है ?
U( x ) = ½ kx2

गुरुत्वीय क्षेत्र में स्वतन्त्र रूप से गिरती हुई वस्तु की कुल यान्त्रिक ऊर्जा बढ़ती है । यह कथन सत्य है अथवा असत्य ?
असत्य ।

एक तोप से गोला दागा जाता है और वह ऊपर जाकर फट जाता है । इसके संवेग तथा गतिज ऊर्जा में क्या परिवर्तन होगा ?
संवेग नियत रहेगा । गतिज ऊर्जा बढ़ेगी क्योंकि बारूद की रासायनिक ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलती है ।

एक जूल में कितने अर्ग होते हैं ?
1 जूल = 107 अर्ग

वर्षा की गिरती बूंदों को गतिज ऊर्जा कहाँ से प्राप्त होती है ?
वर्षा की गिरती बूंदों की स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवृतत होती जाती है ।

जब संरक्षी बल किसी वस्तु पर धनात्मक कार्य करता है , तो पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
स्थितिज ऊर्जा घटती है ।

घर्षण के विरुद्ध किये गये कार्य में कौनसी ऊर्जा की हानि होती है ?
घर्षण के विरुद्ध किये गये कार्य में गतिज ऊर्जा की हानि होती है ।

संरक्षी बल तथा स्थितिज ऊर्जा में सम्बन्ध लिखिये ।
F = dU / dR

एक “ अश्व शक्ति ” बराबर है ?
746W

एक कण को किसी मशीन द्वारा नियत शक्ति प्रदान की जाती है तो t समय में वस्तु द्वारा तय की गई दूरी अनुक्रमानुपाती होती है ?
t3 / 2

एक इंजन पाइप के माध्यम से 2 m / s के वेग से पानी पम्प करता है । पाइप में पानी का प्रति एकांक लम्बाई द्रव्यमान 100 kg / m है । इंजन की शक्ति होगी
400W

शक्ति किसे कहते हैं ?
कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं ।

जूल , कैलोरी , किलोवाट तथा इलेक्ट्रॉन वोल्ट में से कौनसा मात्रक ऊर्जा का नहीं है ?
किलोवाट ।

शक्ति का प्रायोगिक मात्रक बताइये ।
अश्व शक्ति ।

शक्ति सदिश राशि होती है अथवा अदिश ?
अदिश ।

शक्ति की विमा लिखिये ।
[ M1L2T -3 ]

राशियाँ ( Quantities ) जो किसी टक्कर में नियत रहती हैं ?
संवेग लेकिन गतिज ऊर्जा तथा ताप नहीं

पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर के लिए प्रत्यावस्थान गुणांक e का मान होता है ?
1

पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर के लिये प्रत्यावस्थान गुणांक का मान होता है ?
0

m द्रव्यमान की एक वस्तु v वेग से गतिमान है । यह किसी दीवार पर प्रत्यास्थ टक्कर करती है । वस्तु के संवेग में परिवर्तन होगा ?
2 mν

किसी सरल लोलक के गोलक A को ऊर्ध्वाधर से 45° कोण पर छोड़ा जाता है । यह मेज पर स्थिरावस्था में रखे अन्य गोलक B से टकराता है । B तथा A का द्रव्यमान बराबर है और दोनों एक ही पदार्थ से बने हैं । यदि यह टक्कर प्रत्यास्थ हो तो ?
A स्थिर हो जायेगा तथा B , A के वेग से गति करेगा ।

m द्रव्यमान की एक वस्तु v वेग से गति करते हुए समान द्रव्यमान की स्थिर वस्तु से प्रत्यास्थ टक्कर करती है । टक्कर के पश्चात् पहली वस्तु का वेग होगा ?
शून्य

m द्रव्यमान का एक कण v वेग से गति करते हुये एक स्थिर 2m द्रव्यमान के कण से टकराता है तथा उससे चिपक जाता है । संयक्त निकाय की चाल होगी ?
ν/3

पूर्णतः प्रत्यास्थ टक्कर में प्रत्यावस्थान गुणांक का मान कितना होता है ?
प्रत्यावस्थान गुणांक e = 1

क्या किसी पूर्णतः अप्रत्यास्थी टक्कर में सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा का क्षय हो सकता है ?
नहीं ।

सरल रेखीय प्रत्यास्थ टक्कर में यदि कोई कण समान द्रव्यमान के कण से टकराते हैं तो टक्कर के पश्चात् कणों के वेगों में क्या सम्बन्ध होता है ?
टक्कर के पश्चात् कणों के वेग परस्पर आपस में बदल जाते हैं ।

जब संघट्ट ऋणात्मक आवेशित पिण्ड तथा धनात्मक आवेशित पिण्डों के बीच हो , तो संघट्ट किस प्रकार का होता है ?
पूर्णतः अप्रत्यास्थ ।

जब दो क्वाटर्स की गेंदें आपस में संघट्ट करती हैं तो संघट्ट किस प्रकार का होता है ?
पूर्णतः प्रत्यास्थ संघट्ट ।

प्रत्यास्थ संघट्ट में कब ऊर्जा विनिमय अधिकतम होता है ?
जब दो संघटनकारी पिण्ड समान द्रव्यमान के हों ।

किसी पिण्ड की प्रत्यास्थता के उस प्राचल का नाम लिखिए जिसको इसके मापन का अंश कहते हैं ।
प्रत्यावस्थान गुणांक ।

क्या किसी सम्पूर्ण प्रत्यास्थ संघट्ट में पूर्ण गतिज ऊर्जा का क्षय हो जाता है ?
नहीं , केवल उतनी ही गतिज ऊर्जा का ह्रास होता है , जितनी रैखिक संवेग संरक्षण के लिये आवश्यक है ।

अप्रत्यास्थ टक्कर में ऊर्जा - हानि का क्या होता है ?
टकराने वाले पिण्डों की ऊर्जा आन्तरिक ऊर्जा अथवा ऊष्मीय तथा ध्वनि ऊर्जा में बदल जाती है ।

जब दो वस्तुयें आपस में टकराकर परस्पर चिपककर गतिमान हो जाती हैं तब यह टक्कर प्रत्यास्थ है अथवा अप्रत्यास्थ तथा क्यों ?
अप्रत्यास्थ , क्योंकि इस प्रक्रिया में गतिज ऊर्जा की हानि होती है ।

गुरुत्व के विरुद्ध किसी मनुष्य द्वारा किया गया कार्य कितना होगा , यदि वह समतल में चल रहा हो ?
शून्य , क्योंकि बल एवं विस्थापन लम्बवत हैं ।

एक मनुष्य 10 kg के भार को 1 मिनट तक अपने कन्धों पर उठाये रखता है । मनुष्य द्वारा किया गया कार्य कितना होगा ?
शून्य , विस्थापन शून्य होने के कारण ।

एक कुली ने बॉक्स को बस की छत पर 5 मिनट में चढ़ा दिया । दूसरे कुली ने उसी बॉक्स को 2 मिनट में चढ़ा दिया । कौनसे कुली ने अधिक कार्य किया ?
दोनों ने समान कार्य किया , क्योंकि कार्य समय पर निर्भर नहीं करता ।

एक कुली बॉक्स को पृथ्वी से 7 ऊंचाई पर एक बस की छत पर रख देता है । बॉक्स पर कुली तथा गुरुत्वीय क्षेत्र द्वारा किया गया कुल कार्य क्या होगा ?
शून्य , चूँकि कुली द्वारा किया गया कार्य , गुरुत्वीय बल के द्वारा किये गये कार्य के बराबर एवं विपरीत है ।

क्या यांत्रिक ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है ?
नहीं , सिर्फ विलगित निकाय को जबकि आंतरिक असंरक्षी बल शून्य है ।

घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में कौनसी ऊर्जा संचित होती है ? घड़ी के चलते रहने पर यह ऊर्जा कौनसी ऊर्जा में परिवर्तित होती है ?
घड़ी में चाबी भरने पर स्प्रिंग में स्थितिज ऊर्जा संचित होती है । घड़ी के चलते रहने पर यह ऊर्जा गतिज ऊर्जा में परिवर्तित होती है ।

क्या किसी निकाय के संवेग में परिवर्तन किये बिना , गतिज ऊर्जा में परिवर्तन किया जा सकता है ?
हाँ , अप्रत्यास्थ टक्कर में ।

क्या किसी कण की गतिज ऊर्जा परिवर्तित किये बिना इसका संवेग परिवर्तित किया जा सकता है ?
हाँ , एक समान वृत्तीय गति में ।

क्या किसी पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर में सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा क्षय हो सकती है ?
हाँ , जबकि टक्कर से पूर्व कणों का कुल संवेग शून्य हो ।

Download PDF

आप सभी स्टूडेंट्स नीचे दिए गये डाउनलोड बटन पर क्लिक करके यह पीडीऍफ़ डाउनलोड कर सकते हो | और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हो |
Download PDF
398 KB



Post a Comment

0 Comments