जैवविविधता के तप्त स्थल (Biodiversity Hot Spots )

Biodiversity Hot Spots

ऐसे क्षेत्र जहाँ बहुत अधिक जैव विविधता होती है , “जैवविविधता तप्त स्थल ” ( Biodiversity Hot Spot ) कहलाते है । इसकी अवधारणा सबसे पहले सन् 1988 में ब्रिटिश पारिस्थितिकीविद् नार्मन मेयर्स ( Norman Myers ) ने प्रस्तुत की थी जिसके आधार पर सन् 1999 में विश्व के 25 क्षेत्रों को जैवविविधता तप्त स्थल घोषित किया गया । वर्तमान में विश्व में कुल 34 बायोडाइवर्सिटी हॉट स्पॉट है जिनका कुल क्षेत्रफल पृथ्वी के भू - क्षेत्रफल का 2.3 प्रतिशत है किन्तु इन क्षेत्रों में विश्व की वनस्पतियों की 50 प्रतिशत स्थानबद्ध ( Endemic ) प्रजातियाँ पाई जाती है । किसी क्षेत्र को जैवविविधता तप्त स्थल घोषित करने के लिए दो शर्तों का होना आवश्यक है -

  • ( 1 ) उस क्षेत्र में विश्व की कुल स्थानबद्ध ( Endemic ) प्रजातियों की 0 . 5 प्रतिशत से अधिक प्रजातियाँ उपस्थित हो । संख्या के हिसाब से उस स्थान पर कम से कम 1500 स्थानबद्ध प्रजातियाँ होनी चाहिए ।
  • ( 2 ) उस क्षेत्र के मूल आवास का 70 प्रतिशत उजड़ चुका हो अर्थात मानव गतिविधियों से उस क्षेत्र के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा हो ।
  • ऐसे क्षेत्रों को संरक्षण की तत्काल आवश्यकता होती है । इसीलिए इन्हें बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है । तथा यंहा व्यापक स्तर पर सरंक्षण कार्यक्रम चलाए जाते है । विश्व के घोषित 34 बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट मे पृथ्वी पर मिलने वाले रीढदार जीवों की 42 प्रतिशत स्थानबद्ध प्रजातियाँ , मीठे पानी की 55 प्रतिशत मछली प्रजातियाँ तथा वनस्पति की 50 प्रतिशत स्थानबद्ध प्रजातियाँ पाई जाती है । जबकि इन सभी 34 क्षेत्रों का कुल क्षेत्रफल पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल का मात्र 2 . 3 प्रतिशत है । विश्व के कुछ प्रमुख बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट हैं - अटलांटिका वन , पूर्वी मलेशियाई द्वीप समूह , दक्षिण पश्चिम चीन के पर्वत , मेडागास्कर के द्वीप समूह , मध्य अमेरिका , कोलम्बिया चोको , मध्य चिली , पूर्वी हिमालय , पश्चिमी घाट , श्रीलंका , इंडो बर्मा आदि ।

    भारत के जैवविविधता तप्त स्थल ( Biodiversity Hot Spots Of India )

    विश्व में पाए जाने वाले जैवविविधता तप्तस्थलों में से दो - पूर्वी हिमालय तथा पश्चिमी घाट पूर्ण रूप से भारत में स्थित हैं । जबकि इंडो - बर्मा जैवविविधता तप्त स्थल में कुछ भारतीय भूभाग सम्मिलित है ।

    ( 1 ) पूर्वी हिमालय जैवविविधता तप्त स्थल

    इसके अन्तर्गत पूर्वी हिमालय का असम , अरूणाचल प्रदेश , सिक्किम तथा पश्चिम बंगाल राज्यों का क्षेत्र आता है । हिमाचल पर्वत श्रृंखला असीम जैव विविधता से संपन्न है । 7 , 50 , 000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले हिमालय के जैवविविधता तप्त स्थल क्षेत्र में वनस्पतियों की लगभग 10 , 000 प्रजातियां पाई जाती है जिनमे से 3,160 प्रजातियाँ स्थानबद्ध ( Endemic ) हैं । इसके अलावा यहाँ 300 प्रजातियाँ स्तनधारी जीवों की हैं ,जिनमे 12 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है , 997 प्रजातियां पक्षियों की हैं । जिनमे 15 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है , 176 प्रजातियाँ सरिसृपों की हैं । जिनमे 15 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है ,105 प्रजातियाँ उभयचरों की हैं । जिनमे 40 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है , 269 प्रजातियाँ मछलियो की हैं । जिनमे 33 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है , पाई जाती है । इस क्षेत्र में पाए जाने वाले कुछ प्रमुख जीवों के नाम है - हिमालयी तहर ( Himalayan Tahr ) , सुनहरा लंगूर ( Golden Langur ) , हुलोक गिब्बन ( Hoolock Gibbon ) , पिग्मी हॉग ( Pygmy hog ) , उड़न गिलहरी ( Flying Squirrel ) , हिम तेंदुआ ( Snow leopard ) , । ताकिन ( Takin ) , गांगेय डॉल्फिन ( Gangetic Dolphin ) आदि ।

    ( 2 ) पश्चिमी घाट जैवविविधता तप्त स्थल

    भारत के पश्चिमी तट से लगा हुआ पश्चिमी घाट विश्व का एक प्रमुख जैवविविधता तप्त स्थल है । यह क्षेत्र 1 , 60 , 000 | वर्ग किमी क्षेत्र में विस्तृत है जिसमें केरल राज्य सम्मिलित है । इस क्षेत्र में वनस्पतियो की 5916 प्रजातियाँ पाई जाती है । जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत स्थानबद्ध है , इसके अलावा | जन्तुओ में स्तनधारी जीवों की 140 प्रजातियाँ पाई जाती है । जिनमे से 18 स्थानबद्ध है , पक्षियों की 458 प्रजातियाँ पाई जाती है जिनमे से 174 स्थानबद्ध है , सरिसृपों की 267 प्रजातियां | पाई जाती है जिनमे से 174 स्थानबद्ध है , उभयचरों की 178 | प्रजातियाँ है जिनमें से 130 स्थानबद्ध है । मछलियो की 191 | प्रजातियाँ पाई जाती है , जिनमें से 139 प्रजातियाँ स्थानबद्ध है । । यहां पाये जाने वाले मुख्य जीव है - मालाबार गन्ध बिलाव ( Malabar Civet ) , एशियाई हाथी ( Asian Elephant ) , मालाबार ग्रे हॉर्नबिल ( Malabar Grey Hornbill ) , नीलगिरी तहर ( Nilgiri Tehr ) , मैकाक बन्दर ( Lion - tailed Macaque Monkey ) ।

    ( 3 ) इंडो - बर्मा जैवविविधता तप्त स्थल

    यह उष्णकटिबंधीय पूर्वी एशिया में चीन , भारत , म्यांमार ,वियतनाम , थाइलैण्ड , कम्बोडिया तथा मलेशिया के लगभग 23 , 73 , 000 वर्ग किमी क्षेत्र में विस्तृत है । इस विशाल तप्तस्थल के दायरे में 13500 प्रकार की वनस्पतियॉ , 433 प्रकार के स्तनधारी जीव , 1266 प्रकार के उभयचर तथा 1262 प्रकार की मछली प्रजातियाँ पाई जाती है ।


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