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मध्य प्रदेश का भौगोलिक स्वरूप ( Important One Liners )

Madhy Pardesh ka bhaugolik swaroop pdf

मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल देश के क्षेत्रफल का 9.38 % है ।

क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है ।

प्रदेश की उत्तर से दक्षिण तक लंबाई 605 कि.मी. तथा पूर्व से पश्चिम तक लंबाई 870 कि.मी. है ।

मध्य प्रदेश की सीमा देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश , छत्तीसगढ़ , राजस्थान , गुजरात और महाराष्ट्र से मिलती है ।

चम्बल की घाटी जलोढ़ निक्षेपण से बनी है , जिसे ' चम्बल उप आर्द्र प्रदेश ' भी कहा जाता है ।

मध्य भारत का पठार बुंदेलखंड , अरावली पर्वत तथा मालवा के पठार से घिरा है , जो विंध्य शैल समूह का पठार है ।

बुंदेलखंड का पठार ग्रेनाइट नीस से निर्मित है ।

मध्य प्रदेश की जलवायु समशीतोष्ण मानसूनी प्रकार की है ।

सर्वाधिक वर्षा सीधी में तथा ग्वालियर और उसके आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम वर्षा होती है ।

सर्वाधिक तापमान ग्वालियर , मुरैना व दतिया क्षेत्रों में तथा न्यूनतम तापमान पचमढ़ी शिवपुरी में पाया जाता है ।

नर्मदा नदी की मध्य प्रदेश में लम्बाई 1077 कि.मी. है ।

चम्बल नदी की धाराओं से ग्वालियर के निकटवर्ती भागों में अवनालिका अपरदन से बीहड़ों का निर्माण हुआ है ।

मध्य प्रदेश में ऋतु संबंधी आंकड़ों को एकत्रित करने वाली वेधशाला इंदौर में स्थित है ।

उत्तरी मध्य उच्च प्रदेश सबसे ऊंचा स्थान जानापाव है , जो 854 मीटर ऊंचा है ।

बुंदेलखंड पठार की सबसे ऊंची चोटी सिद्ध बाबा चोटी ( 1172 मीटर ) है ।

रीवा - पन्ना के पठार को विंध्य का पठारी प्रदेश भी कहते हैं , जो विंध्य शैलों से निर्मित है ।

मालवा के पठार का निर्माण क्रिटेशियस काल के अंतिम चरण में दक्कन ट्रेप के निक्षेपण से निर्मित निक्षेपित भूमि से हुआ है ।

नर्मदा - सोन घाटी एक प्रकार की भ्रंश घाटी है ।

सतपुड़ा मैकाल श्रेणी में तीन श्रेणियां राजपीपला , सतपुड़ा और मैकाल हैं ।

सतपुड़ा की सबसे ऊंची चोटी धूपगढ़ ( 1350 मीटर ) की चोटी है ।

सतपुड़ा श्रेणी का पूर्वी भाग मैकाल का पठार कहलाता है ।

बघेलखंड के पठार में तीन शैल समूह गोंडवाना शैल समूह , विंध्य शैल समूह और आद्यमहाकल्पी शैल समूह मिलते हैं ।

मध्य प्रदेश की दक्षिणी सीमा ताप्ती नदी तथा उत्तरी सीमा चम्बल नदी बनाती है ।

प्रदेश की अधिकतम सीमा उत्तर प्रदेश से तथा न्यूनतम सीमा गुजरात से लगती है ।

प्रदेश की पश्चिमी सीमा गुजरात एवं पूर्वी सीमा मैकाल - कैमूर श्रेणियां निर्धारित करती है ।

कर्क रेखा प्रदेश को दो बराबर भागों में बांटती हुई नर्मदा नदी के समानान्तर 14 जिलों उज्जैन , रतलाम , आगर - मालवा , राजगढ़ , भोपाल , विदिशा , रायसेन , सागर , दमोह , जबलपुर , कटनी , उमरिया , शहडोल एवं अनूपपुर से गुजरती है ।

क्रिटेशियस कल्प की चट्टानें बाघ सीरीज एवं लमेटा सीरीज के रूप पाई जाती हैं ।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले एवं रायसेन जिले के सिद्ध घाट से भू - वैज्ञानिक को जुरैसिक काल के डायनासोर के जीवाश्म प्राप्त हुए हैं ।

सतपुड़ा पर्वत व ग्वालिगढ़ महाराष्ट्र सीमा पर स्थित हैं ।

पहाड़ियां मध्य प्रदेश व सतमाला पहाड़ियां मध्य प्रदेश व गुजरात की सीमा पर स्थित हैं ।

मैकाल पर्वत श्रेणी मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा पर अवस्थित हैं ।

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